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Reporters Corridor

TRP का दबाव हो या रीडर्स की मांग, कई और वजहों से खबरों से छेड़छाड़ की जाती है। प्रत्येक अख़बार या चैनल की सम्पादकीय लाइन होती है और उसी लाइन के हिसाब से ख़बरों की प्रोसेसिंग की जाती है। मसालेदार या बिकाऊ ख़बरों के चक्कर में आपके शहर की ख़बरें, आपके हित की ख़बरें कहीं गुम हो जाती हैं।

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  • Category : Media
  • Date : 2017
  • Location : India
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